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ब्याज सब्सिडी पात्रता प्रमाणपत्र (आइसेक) योजना


            भारत सरकार ने बैंकिंग संस्थानों से पूंजीगत धन जुटाने में खादी और पॉलीवस्त्र उत्पादक संस्थानों की सहायता करने हेतु मई, 1977 में ब्याज सब्सिडी पात्रता प्रमाणपत्र योजना शुरू की। इस योजना के तहत, कार्यान्वयन एजेंसियां केवल 4 प्रतिशत ब्याज के भुगतान पर केवीआईसी द्वारा जारी आइसेक के अनुसार बैंक ऋण का लाभ उठा सकती हैं तथा बैंक द्वारा वसूले गए वास्तविक ब्याज और 4 प्रतिशत ब्याज के बीच के अंतर को ब्याज सब्सिडी के तौर पर केवीआईसी द्वारा वहन किया जाता है। बारहवीं योजना अवधि के दौरान कार्यान्वयन के लिए योजना को जारी रखने की मंजूरी देते हुए, भारत सरकार ने संस्थाओं को ब्याज सब्सिडी निरंतर जारी करने की सुविधा देने हेतु खादी और पोलीवस्त्र के लिए योजना के एकीकृत संस्करण को मंजूरी दी है।

संस्थागत वित्त के तहत ब्याज सब्सिडी पात्रता प्रमाणपत्र को संचालित करने हेतु प्रक्रिया
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