Menu

ग्रामीण अभियांत्रिकी उद्योग

खादी और ग्रामोद्योग आयोग के तहत ग्रामोद्योग में ग्रामीण अभियांत्रिकी उद्योग की प्रमुख भूमिका रही है। जैसा कि सभी जानते हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों के पारंपरिक व्यवसाय सामान्यतः बढ़ईगिरी, लोहारगिरी तथा उपलब्ध संसाधन से दैनिक जीवन एवं स्थानीय बाजार की आवश्यकतानुसार विभिन्न उत्पादों के निर्माण करना हैं।

चूंकि खादी और ग्रामोद्योग आयोग के तहत इस उद्योग शुरू होने से, इस उद्योग में पारंपरिक चरखे बनाने सहित तेल घानी जैसी मशीनरी, हस्तनिर्मित कागज मशीन, बी-बॉक्स, पोटर व्हील, खादी फेब्रिक के प्रसंस्करण हेतु विभिन्न मशीनरी के निर्माण, बढ़ई और लोहारगिरी संबंधी उत्पादों के उत्पादन के लिए ग्रामीण कारीगरों को तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

वर्तमान में, इस उद्योग के तहत स्थानीय और वैश्विक बाजार हेतु प्रचुर बिक्री योग्य और गुणात्मक उत्पादों के विनिर्माण के लिए वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान की जाती है।


ग्रामीण अभियांत्रिकी उद्योग के अंतर्गत उत्पाद

इस उद्योग के अंतर्गत कई प्रकार की लौह और अलौह वस्तुओं के विनिर्माण किया जाता है, जैसे कि

  •  
  • लकड़ी और स्टील फर्नीचर,
  •  
  • गेट और ग्रिल,
  •  
  • कार्यालय, स्कूल, वाणिज्यिक और विभिन्न घरेलू उत्पाद
  •  
  • एल्युमीनियम उत्पाद
  •  
  • पीतल, तांबा, कांसा उत्पाद और कलात्मक शो पीस
  •  
  • इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रो-मैकेनिकल जैसे मिक्सर ग्राइंडर, वॉशिंग मशीन, वैक्यूम क्लीनर
  •  
  • इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स
  •  
  • मॉड्यूलर किचन और गिग फिक्स फर्नीचर
  •  
  • नॉन- स्टिक और कठोर आयनित बर्तन
  •  
  • कृषि औजार
  •  
  • संगीत वाद्ययंत्र, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, कंप्यूटर के बाहरी उपकरण, ऑडियो वीडियो, और अन्य आईटी उत्पाद, आदि।
  •  
  • सौर पैनल सहायक उपकरण और स्टेबलाइजर का रखरखाव, सेकेंडरी सेल, आदि।

    गतिविधि

    आरईआई कारीगर सशक्तीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत अभियांत्रिकी ट्रेड संबंधी विशेष कौशल उन्नयन कार्यक्रम।

    यह कारीगरों की आय एवं आजीविका बढ़ाने हेतु पेशेवर आवश्यक प्रौद्योगिकी, डिजाइन और उत्पाद विविधीकरण प्रशिक्षण में हस्तक्षेप करने वाले अकुशल/अर्ध कुशल कारीगरों को कुशल कारीगर बनाने तक फारवर्ड एवं बैकवर्ड लिंकेज की संवर्धनात्मक गतिविधियां है। इसकी प्रशिक्षण अवधि कट-एज प्रौद्योगिकी के साथ दो से तीन सप्ताह की है। वर्ष-वार अनुमोदित कार्य योजना के अनुसार ग्रामोद्योग अनुदान के तहत ग्रामीण अभियांत्रिकी उद्योग निदेशालय द्वारा मशीन प्रदान किया जाएगा।


    विजन

    बाजार में व्यापक मांग को ध्यान में रखते हुए, विभिन्न नवोन्मेषी और अभियांत्रिकी गुणात्मक उत्पाद एवं पारंपरिक वस्तुओं का उत्पादन ग्रामीण अभियांत्रिकी उद्योग के तहत विनिर्माण इकाई के माध्यम से किया जाना चाहिए। तदनुसार, सामाजिक-आर्थिक विकास में सुधार सहित ग्रामीण कारीगरों के पलायन रोकने हेतु ग्रामीण क्षेत्र में तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करने संबंधी सरकार की नीति के अनुसार, यह निदेशालय प्रमुख भूमिका निभा रहा है। उस विज़न को जारी रखने के लिए, यह निदेशालय नीति आयोग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों तथा एमएसएमई मंत्रालय द्वारा दिए गए कार्यक्रम/उद्योग वार कार्य-योजना की सहायता से बैकवर्ड–फारवर्ड लिंकेज प्रदान कर सतत सामाजिक-आर्थिक विकास के सफल आकार को कार्यान्वित करने हेतु विज्ञान व प्रौद्योगिकी, क्षमता निर्माण के माध्यम से अभियांत्रिकी क्षेत्र में मौजूदा एवं नए कारीगरों को तकनीकी एवं वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु ईच्छुक है।

    ग्रामोद्योग विकास योजना(जीवीवाई) शीर्ष के अधीन ग्रामीण अभियांत्रिकी और नविन प्रौद्योगिकी उद्योग(आरईएनटीआई) के तहत बढ़ईगिरी, खिलौना क्षेत्र और पंचगव्य उत्पादों की पायलट परियोजना के परिचालन संबंधी दिशानिर्देश.
    Menu